(M) काहे फुलाके मुंह बैठल बाड़ू बतावा एही थईया
लाके हम पूरा तोहके दे देहनी आपन कामईया (२)
(F) करी ना हाली जल्दी निकाली
करी ना हाली जल्दी निकाली . लगाई कऊनो बुधी ए सईया
गाई कऊन बुद्धि ए सैय्या
ढोढ़ी में .
...........
ढोढ़ी में
ढोढ़ी में घुसल चाउर के खुदी मचता गुदगुदी ए सैय्या (२)
6 अंतरा
(M) करत रहलु कवन काम कूदी कूदी हो
कईसे के फ़सल तोहरा ढोढिया में खुदी हो
(F) रहली पछोरत बईठ के बखार में
सुपवा. से छटकल हा ढोढ़ी के दरार में
ढोढ़ी कटोरी भईल बा हमर............
(२)
ढोढ़ी कटोरी भईल बा हमर बताई कैसे मुदि ए सईयां
बताई कैसे मुदि ए सईयां......
ढोढ़ी में .....
.ढोढ़ी में .....
ढोढ़ी में घूसल चाउर के खुदी मचता गुदगुदी ए सैय्या (२)
अंतरा ।
(M)। धीरे धीरे बोला धनी करा जनि हाला
नाता जानि जाई रानी सारा मोहल्ला
(F) राइटर मनोज, विनोद केना कुछ बुझाला
ढोढ़ी में फसलका खुदी अजय तू निकाला।
हाथे से जदी निकले नाही...
हाथे से जदी निकले नाही ता टेस्टर से खोदी ए सईय्या
की टेस्टर से खोदी ए सईय्या.
ढोढ़ी में ...... ढोढ़ी में .....
(२)
ढोढ़ी में घुसल चाउर के खुदी मचता गुदगुदी ए सैय्या (२)