IMMORTAL-文本歌词

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Devraj Beliyakhedawala&BP Banna
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कहानी सुनाऊ राजस्थान की

राजस्थान के वीर महाराणा की

शेर ने स्वीकार न गुलामी की

तलवार ना झुकी मेरे राणा की

भई राणा नाम मे रण आवे

जद सब ही विरोधी बण आवे

वीर तो नाले भाट सदा

मौत कसी भी क्षण आवे

मुघल यू आया माथों कर

ज्याण नाग कर फण आवे

मुगला की छाती पे लीका

राणा भाला मु मांड देवे

युद्ध ने जो भी कर पावे

या दुनिया वाने भांड केवे

नारी को सम्मान सदा ही आतो रियो मेवाड़ मे भई

और राणा की तलवार जटा तक कुण रजपूती रांड केवे

रण में मरे वीर बात वे सम्मान की

शूरमा लगावे बाजी प्राण की

राणा बाल पणा में भी शेर फाडीयो हो

वाने जरूरत ही न पड़ी तीर कमान की

दन हो भई वो june 18

मेवाड़ी सब रीश का खारा

राजस्थान मे पाणी कम

पण खूब बही अटे खून की धारा

खून जदी भई बाघी वे

तलवार हाथ मे नागी वे

जगदम्बा के चरणा मे जा

लगन मौत मु लागी वे

ले पी जगदम्बा खून को प्यालो

टाबर कन थारे तीखो भालो

दुश्मन को कलजो लायो हु मे

ले जीम ले ईऊ थू पेलो निवालो

सोगन्ध मने मां थारी है मेवाड़ कदी ने मटबा दू

यो ध्वज केसरी झुलतो रेई यो चिन्ह कदी ने हटबा दू

बीज मर्द को है अकबर तो आन मले मने रण मे कदी

सोगन्ध मने मा थारी है मेवाड़ की माटी चट